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India-America 2 plus 2 dialogue

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प्रसंग:-

18 दिसंबर, 2019 को भारत और अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच वाशिंगटन में ‘टू प्लस टू वार्ता’ (2+2 Dialogue) हुई।

प्रमुख बिंदु:-

  • वाशिंगटन में भारत-अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के नेतृत्त्व में ‘टू प्लस टू वार्ता’ संपन्न हुई।
  • इस वार्ता में दोनों पक्षों ने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के विभिन्न क्षेत्रों में बढती साझेदारी को सकारात्मक रुप से स्वीकार किया और कहा कि सितंबर 2018 में दिल्ली में आयोजित पहली ‘टू प्लस टू वार्ता’ के बाद दोंनों देशों के बीच संबंधों में मज़बूती आई है।

टू प्लस टू वार्ताके कुछ प्रमुख बिंदु:

  • इस वार्ता में एक तरफ जहाँ हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में संबंध प्रगाढ़ बनाने को लेकर स्पष्टता देखी गई वहीं अमेरिका की निजी क्षेत्र की रक्षा कंपनियों द्वारा भारत में अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण की राह में एक बड़ी अड़चन समाप्त हो गई है। दोनों देशों ने इसके लियेइंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एनेक्स’ (Industrial Security Annex) नामक समझौते को मंज़ूरी दी है।
  • रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल कार्यक्रम (Defence Technology and Trade Initiative-DTTI) के तहत रक्षा व्यापार के क्षेत्र में निष्पादित की जाने वाले प्राथमिकता पहलों की पहचान की गई।
  • अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने भारत को अपना लोकतांत्रिक मित्र बताते हुए आतंकवाद से अमेरिका तथा भारत के लोगों की सुरक्षा किये जाने की बात कही और भारत को पाकिस्तान प्रायोजित तथा अन्य प्रायोजित आतंकवाद को समाप्त करने में समर्थन देने का आश्वासन दिया।
  • भारत और अमेरिका की तीनों सेनाओं के बीच नवंबर 2019 में ‘टाइगर ट्रंफ’ (Tiger Triumph) नामक युध्दाभ्यास का आयोजन किया गया जो अब वार्षिक रूप से आयोजित किया जाएगा।

 टू प्लस टू वार्ता क्या है ?

  • ‘टू प्लस टू वार्ता’ एक ऐसी मंत्रिस्तरीय वार्ता होती है जो दो देशों के दो मंत्रालयों के मध्य आयोजित की जाती है।
  • भारत और अमेरिका के बीच ‘टू प्लस टू वार्ता’ दोनों देशों के मध्य एक उच्चतम स्तर का संस्थागत तंत्र है जो भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा के लिये मंच प्रदान करता है।
  • भारत और अमेरिका के बीच आयोजित यह दूसरी ‘टू प्लस टू वार्ता’ है तथा अमेरिका में आयोजित पहली ‘टू प्लस टू वार्ता’ है।

भारत को होने वाले लाभ:

  • भारत और अमेरिका के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक एवं रणनीतिक सहयोग से हिंद महासागर में बढ़ते चीन के सैन्य प्रभुत्त्व को प्रतिसंतुलित करने में भारत सक्षम होगा।
  • भारत और अमेरिका के बीच संपन्न ‘इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एनेक्स’ के माध्यम से भारत के रक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण में अड़चनें समाप्त होंगी जिससे भारतीय सेनाओं के पास हथियार एवं अन्य सैन्य उपकरणों के भंडार में वृद्धि होगी जो कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद तथा पड़ोसी देशों की अस्थिर गतिविधियों से भारत की रक्षा करने के लिये अत्यंत आवश्यक है।
  • इस समझौते के माध्यम से रक्षा एवं उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापार तथा तकनीकी सहयोग को और भी सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
  • अमेरिका द्वारा आतंकवाद की समाप्ति के लिये भारत का समर्थन किये जाने से भारत में सीमा पार आतंकवाद में कमी आएगी।

 

source -PIB

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