fbpx

herbicide pollution and carbon dots

international court of justice
December 31, 2019
belgaum dispute
January 2, 2020

सन्दर्भ:-

हाल ही में असम के शोधकर्ताओं ने कार्बन नैनो कणों/कार्बन डॉट्स (Carbon Dots) के उत्पादन हेतु जलकुंभी (Water Hyacinth) पौधे का प्रयोग किया।

प्रमुख बिंदु:

  • जलकुंभी के उपयोग से उत्पादित इन अत्यधिक छोटे (10 नैनोमीटर से भी कम) कणों का इस्तेमाल (आमतौर पर प्रयोग किये जाने वाले) तृणनाशक/हर्बिसाइड- प्रेटिलाक्लोर (Pretilachlor) का पता लगाने के लिये किया जा सकता है।
  • हर्बिसाइड का पता लगाने के मामले में इन नैनो कणों को चयनात्मक और संवेदनशील पाया गया।
  • इस अध्ययन के आधार पर, शोधकर्त्ताओं का एक समूह प्रेटिलाक्लोर की ऑन-साइट पहचान करने के लिये एक पेपर स्ट्रिप-आधारित सेंसर विकसित करने पर कार्य कर रहा है।

कार्बन डॉट्स का निर्माण:-

  • कार्बन डॉट्स के निर्माण हेतु जलकुंभी के पत्तों से पर्णहरिम यानी क्लोरोफिल को पृथक किया गया, उसके बाद इन्हें सूखाकर पाउडर के रूप में परिवर्तित किया गया।
  • इस पाउडर को कार्बन डॉट्स में परिवर्तित करने के लिये कई चरणों में इसे उपचारित किया गया जिसमें पाउडर को 150 डिग्री सेल्सियस पर गर्म करना भी शामिल था।

क्रियाविधि:-

  • शोधकर्त्ताओं के अनुसार, ये कार्बन डॉट्स पराबैंगनी प्रकाश में हरे रंग की प्रतिदीप्ति (Fluorescence) उत्पन्न करने में सक्षम हैं। इस प्रतिदीप्ति का कारण डॉट की सतह पर अत्यंत छोटे ऑक्सीजन कार्यात्मक समूह की उपस्थिति हैं।
  • हर्बिसाइड की उपस्थिति में इन कार्बन डॉट्स की प्रतिदीप्ति प्रबलता बढ़ जाती है।
  • डॉट और हर्बिसाइड के बीच इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण से प्रतिदीप्ति में वृद्धि होती है।
  • ये कार्बन डॉट प्रेटिलाक्लोर (हर्बिसाइड) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं तथा यह हर्बिसाइड की अत्यंत कम मात्रा की पहचान करने में भी सक्षम है।

इसके लाभ:-

  • कार्बन डॉटस के माध्यम से हर्बिसाइड का पता लगाना तुलनात्मक रूप से एक सस्ता एवं बेहतर विकल्प है क्योंकि इस तकनीक में कच्चे माल के रूप में प्रयोग की जाने वाली जलकुंभी सरलता से उपलब्ध हो सकती है।
  • इस तकनीक की मदद से जलकुंभी जैसे अपशिष्ट पदार्थ का प्रयोग उपयोगी तकनीक के विकास में किया जा सकेगा।

हर्बिसाइड प्रदूषण (Herbicide Pollution)क्या है?

गैर कृषि क्षेत्रों में अवांछनीय पौधों या खरपतवार को नष्ट करने के लिये हर्बिसाइड्स का उपयोग किया जाता है। लेकिन जब हर्बिसाइड अपने संपर्क में आने वाले उपयोगी पौधों को भी नष्ट कर देते हैं तो उसे हर्बिसाइड प्रदूषण कहा जाता है।

 

स्रोत: द हिंदू

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *